About Us
हमारा उद्देश्य हमारी मंजिल
1. छात्राओं को उच्च शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना।
2. छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व का विकास करना।
3. भारतीय संस्कृति की भावना जागृति करना।
4. छात्राओं में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करना।
5. छात्राओं में सामाजिक अंधविश्वास के दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना।
6. उन्नति शिक्षा प्रणाली द्वारा महिला शिक्षा को गुणात्मक स्तर प्रदान करना।
स्थापना
आजमगढ़ के प्रबुद्ध अग्रवाल समाज द्वारा उच्च स्तरीय नारी शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए 1966-67 सत्र में गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध पूर्वांचल में प्रथम महिला महाविद्यालय के रूप में इसकी स्थापना हुई। यह महाविद्यालय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबंध है।
स्थित भूमि भवन
छात्राओं की सुविधा व सुरक्षा की दृष्टि से महाविद्यालय नगर के मध्य सब्जी मंडी चौराहा से उत्तर दलसिंगार मोहल्ले में (पंजाब नेशनल बैंक/पशु अस्पताल के निकट) स्थित है। महाविद्यालय में शिक्षण कार्य हेतु पर्याप्त कमरे, विशाल हाल, लाइब्रेरी तथा क्रीड़ा मैदान है।
योजनाएं
हमारी भावी योजनाओं में महाविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न नए विषयों में कक्षाएं संचालित करने, नए संकाय खोलने एवं D.L.Ed. (B.T.C.) की मान्यता हेतु प्रयास जारी है। छात्राओं हेतु भव्य छात्रावास की योजना है।
अभिभावकों से निवेदन
महाविद्यालय अपने छात्राओं, अभिभावकों से अनुरोध करता है कि अपने पाल्य के संबंध में समस्त शैक्षिक जानकारी महाविद्यालय से प्राप्त करते रहें। महाविद्यालय एक सामाजिक संस्था है। अभिभावक एवं छात्राएं इस के सक्रिय सदस्य हैं। अतः अभिभावक अपने पाल्या को समय से विद्यालय भेजें तथा महाविद्यालय विकास को नई दिशा दें। सभी छात्राएं अनुशासन से बंधी है। महाविद्यालय अनुशासन को अपनी प्राथमिकता देता है। अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। आप अपने पाल्या को महाविद्यालय में निर्धारित ड्रेस में ही भेजें।
दृष्टि (Vision)
“सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जागरूक महिला समाज का निर्माण।”
श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय, आज़मगढ़ का उद्देश्य “उत्कृष्ट, सुरक्षित एवं समावेशी शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से ऐसी आत्मनिर्भर, सशक्त एवं नेतृत्वकारी महिलाओं का निर्माण करना, जो ज्ञान, नैतिक मूल्यों एवं नवाचार के आधार पर समाज एवं राष्ट्र के सतत विकास में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
उद्देश्य (Mission)
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्राओं का समग्र विकास एवं सशक्तिकरण।”
1. गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित शिक्षा द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
2. छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की योग्यता विकसित करना
3. कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करना
4. सुरक्षित, अनुशासित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना
5. नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाना
6. मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास एवं समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान देना
[शिक्षा से सशक्त नारी, सशक्त नारी से सशक्त राष्ट्र।]
“हम केवल डिग्री नहीं देते, हम आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य का निर्माण करते हैं।”
feedback on courses generally highlights a positive and enriching educational experience, with a well-structured curriculum, knowledgeable instructors, and a supportive learning environment.